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पुडुचेरी (पुडुचेरी)

ब्यौरे विवरण
क्षेत्रफल 497 वर्ग किलोमीटर
जनसंख्‍या 12,44,464 *
राजधानी पुडुचेरी
मुख्‍य भाषा तमिल, तेलुगु, मलयालम, फ्रेंच और अंग्रेजी


इतिहास और भूगोल

पुडुचेरी के क्षेत्र में दक्षिण में फैले पुडुचेरी, कराईकल, माहे और यनाम के वे क्षेत्र शामिल हैं जहां पहले फ्रांसीसियों का शासन था। पुडुचेरी इस प्रदेश की राजधानी है जो कभी भारत में फ्रांस वालों का मुख्‍यालय हुआ करता था। यह 138 वर्षों तक फ्रांसीसी शासन के अधीन रहा। और 1 नवंबर 1954 को भारत में इसका विलय हो गया। इसके पूर्व में बंगाल की खाड़ी और शेष तीन तरफ तमिलनाडु है। पुडुचेरी से लगभग 150 किलोमीटर दक्षिण में पूर्वी तट पर कराईकल है जबकि माहे पश्चिम में केरल से घिरे पश्चिमी घाटों के मालाबार तट पर स्थित है। यहां पर कालीकट हवाई अड्डे से पहुंचा जा सकता है जो माहे से 70 किलोमीटर दूर है। यनाम आंध्र प्रदेश के पूर्वी गोदावरी जिले से सटा हुआ है और विशाखापत्‍तनम से 200 कि.मी. की दूरी पर है।


कृषि

यहां की लगभग 24.37 प्रतिशत जनता कृषि और इससे संबंधित व्‍यवसायों में लगी है तथा इस क्षेत्र में 80.7 प्रतिशत कृषि भूमि में सिंचाई की सुविधाएं उपलब्‍ध हैं। धान मुख्‍य फसल है। दलहन उत्‍पादन दूसरे नंबर पर है। माहे क्षेत्र का यहां की पौध-संपत्ति में प्रमुख योगदान है। नारियल, सुपारी, और मसाले भी यहां उगाए जाते हैं। यनाम में उगाई जाने वाली दालें, मूंगफली तथा मिर्च यहां की वर्षा आधारित मुख्‍य व्‍यापारिक फसलें हैं।


उद्योग

प्रदेश में 2,177.78 करोड़ रुपए के निवेश से स्‍थापित 7,982 उद्योगों में 93,044 व्‍यक्ति कार्यरत थे। इन इकाइयों से कुल 13,455.34 करोड़ रूपयों की वस्‍तुओं का उत्‍पादन हुआ। इन औद्योगिक इकाइयों द्वारा तैयार किए गए उत्‍पादों के‍ निर्यात का मूल्‍य 901.06 करोड़ रुपए था।


सिंचाई

पुडुचेरी क्षेत्र में यूरोपीय संध वित्‍तीय सहयोग शंकरपरानी तथा पेन्‍नार नदी पर आठ बांधों का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। इसके अलावा भूजल की री-चार्जिंग हेतु अर्तिचिकुप्‍पम, सेल्‍लीपेट में पंबीयार, नेट्टापक्‍कम में मालातार पर पुडुचेरी में तथा मुलियार, परवदानार तथा कारीकल में वनजीआर पर बांध बनाने का कार्य प्रगति पर है।


बिजली

केंद्रशासित प्रदेश पुडुचेरी की बिजली की जरूरतें केंद्र सरकार के बिजली उत्‍पादन केंद्रों से अपना हिस्‍सा लेकर और पड़ोसी राज्‍यों के बिजली बोर्डों - तमिलनाडु बिजली बोर्ड, केरल राज्‍य बिजली बोर्ड से बिजली खरीदकर और पांडिचेरी पावर कारपोरेशन लिमिटेड, कराईकल से पूरी की जाती है। इस प्रदेश की कुल बिजली उपलब्‍धता 396.58 मेगावॉट है।


परिवहन

विभिन्‍न प्रकार की 677.525 की.मी. लंबी सड़कों का रख-रखाव पुडुचेरी पीडब्‍ल्‍यूडी द्वारा किया जा रहा है। पुलों के निर्माण तथा सड़कों का सुधार कार्य चल रहा है।


पर्यटन

चेन्‍नई के दक्षिण में 160 कि.मी. की दूरी पर स्थित पुडुचेरी (तमिल में पुड्डचेरी) यह प्रारंभिक अठारहवीं सदी से फ्रांस का एक उपनिवेश रहा है। यह एक दिलकश भारतीय शहर है जिसमें समुद्र के अतिरिक्‍त फ्रांस की सांस्‍कृतिक विरासत के जीवंत नमूने तथा एक आश्रय मौजूद है। अन्‍य फ्रांसीसी स्‍थलों—कराईकल (तमिलनाडु), माहे (केरल), यनाम (आंध्रप्रदेश), को मिलाकर पुडुचेरी केंद्रशासित प्रदेश बना है। इस नगर की खासियत यहां की सुनियोजित नगर योजना तथा फ्रांसीसी-तमिल वास्‍तुकला का संगम है। यह शहर फ्रांस के 18 वीं सदी के किलेबंद समुद्रतटीय शहर 'बास्‍टाइड' के नमूने पर बना है।

पुडुचेरी का प्रसिद्ध संतों की भूमि के रूप में प्रसिद्ध, रोम तथा यूनान के साथ प्राचीन व्‍यापारिक संबंध वाली, फ्रांसीसी भारत की एक समय राजधानी रही तथा आध्‍यात्मिक शक्ति के केंद्र, पुडुचेरी के उथले पानी, नदियों, समुद्री तटों तथा दूसरे क्षेत्रों में पर्यटकों के लिए प्रचुर पर्यटन संसाधन उपलब्‍ध है। पूर्व तथा पश्चिम संस्‍कृति से प्रभावित पुडुचेरी में हस्‍तशिल्‍प से तैयार चमड़े की वस्‍तुएं, मिट्टी के बरतन, हाथ से तैयार कागज, धूप तथा पुराना औपनिवेशिक फर्नीचर आदि अनोखी वस्‍तुएं मिलती हैं। हमारे पहले प्रधानमंत्री स्‍वर्गीय पंडित जवाहर लाल नेहरू ने पुडुचेरी को 'फ्रांसीसी संस्‍कृति की खिड़की' कहा था।

महान संत, कवि तथा भारतीय आध्‍यात्मिकता के महान प्रवर्तक श्री अरविंद अपने जीवन के अंत तक अपनी दृष्टि तथा विचारों का प्रसार करते रहे। उनका आश्रम आज भी अपनी खास जीवन शैली के कारण विश्‍व-भर से लोगों को आकर्षित करता है।

 


* 2011 की जनगणना के आधार पर (अनंतिम डाटा)

स्रोत: इंडिया बुक 2012 - एक संदर्भ वार्षिक

राज्य एवं राजधानी

* एस (ग्रीष्म ऋतु) और * डब्ल्यू (शीत ऋतु)