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चंडीगढ़ (चंडीगढ)

ब्यौरे विवरण
क्षेत्रफल 114 वर्ग किलोमीटर
जनसंख्‍या 10,54,686 *
राजधानी चंडीगढ
मुख्‍य भाषा हिंदी, पंजाबी और अंग्रेजी


इतिहास और भूगोल

चंडीगढ़ आधुनिक शिल्पकला के वैभव से संपन्न प्रदेश है। शिवालिक पहाड़ियों की नयनाभिराम तलहटी में बसा चंडीगढ़ वास्तविकक अर्थों में एक खूबसूरत शहर है। फ्रांसीसी वास्तुशिल्पी ला कार्बूजिए द्वारा निर्मित यह शहर आधुनिक स्थापत्य कला तथा नगर नियोजन का शानदार उदाहरण है। चंडीगढ़ और उसके आसपास के क्षेत्र को पहली नवंबर, 1966 को केंद्रशासित प्रदेश बनाया गया। यह हरियाणा और पंजाब दोनों की राजधानी भी है। इसके उत्तर और पश्चिम में पंजाब तथा पूर्व और दक्षिण में हरियाणा है।


प्रशासन

चंडीगढ़ प्रशासन मोटे तौर पर चार मोर्चों पर आगे बढ़ रहा है। पहला यह कि इसका उद्देश्य सूचना ओर प्रौद्योगिकी की मदद से सुगम और पारदर्शी प्रशासन देना है। यह सूचना अधिकार कानून के प्रावधानों को सबसे पहले लागू करने वालों में से है। कई सेवाएं, जिनके लिए पहले लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते थे, अब कंप्यूटर और मोबाइल फोनों पर उपलब्ध हैं। सारे नियमों की इस दृष्टि से समीक्षा की जा रही है कि उन्हें किस तरह से बनाया जाए ताकि वे आम आदमी के अनुकूल हो सकें। उद्देश्य यह है कि झंझट कम से कम हो और नागरिकों को प्रशासन के चक्कर कम से कम काटने पड़ें।

दूसरा यह कि प्रशासन आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करके आर्थिक ज्ञान पर आधारित उद्योग, उच्चस्तरीय वाणिज्यिक कार्यकलाप जैसी अधिक मूल्यवर्धक सुविधाएं प्रदान करके विकास की उच्च दर प्राप्त करने के लिए काम कर रहा है। चंडीगढ़ में प्रतिव्यक्ति आय पहले से ही देश में सबसे ज्यादा है और सरकार चाहती है कि उस आधार को सुधारा जाए।

तीसरा यह कि प्रशासन बिजली आपूर्ति, जल आपूर्ति, स्वास्थ्य और शिक्षा सेवा जैसी मूलभूत सेवाएं और सार्वजनिक परिवहन की ऐसी सेवाएं प्रदान करना चाहता है जो उन्नत देशों के मुकाबले की हैं। इसमें समय लगेगा लेकिन यह इच्छा जल्दी ही पूरी होगी।

चौथा यह कि प्रशासन इस वास्तविकता के प्रति पूरी तरह सचेत है कि विकास का लाभ प्रत्येक व्यक्ति तक समान रूप से नहीं पहुंचता। इसलिए इस बात पर विशेष जोर दिया जा रहा है कि विकास उन लोगों तक पहुंचे जहां अभी तक नहीं पहुंचा है।


परिवहन

चंडीगढ़ प्रशासन ने यात्रियों की सुविधा के लिए शीघ्र ही जन त्वरित परिवहन प्रणाली शुरू करने का निश्चय किया है। चंडीगढ़ प्रशासन तथा पंजाब और हरियाणा राज्य सरकारें परियोजना पर काम कर रही हैं।

सीटीयू का कम्प्यूटरीकरण किया जा रहा है तथा 70 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। ग्लोबल पोजशनिंग की जा रही है।


ग्रामीण विकास

गरीब तथा पिछड़े तबके के लोगों के लिए चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी उन्हें मुहैया कराने के लिए विभिन्न गांवों में 14 विधि जागरूकता सेमिनार आयोजित किए गए हैं।

खझरी तथा पालसोरा गांव में सीमेंट कंक्रीट फुटपाथ तथा नालियों को ढकने का काम पूरा। मौली जागरण गांव में 70 प्रतिशत कार्य पूर्ण।


खेल

प्रशासन ने सेक्टर 19 में लड़कियों के लिए हाकी अकादमी की स्थापना की है, जल्दी ही क्रिकेट तथा फुटबाल के लिए भी एसी अकादमियां बनाई जाएंगी। सेक्टर 16 के उन्नत स्टेडियम में भारत तथा आस्ट्रेलिया के बीच एक दिवसीय क्रिकेट मैच का आयोजन किया गया। सेक्टर 56 में 40,000 दर्शकों की क्षमता वाला आधुनिकतम फुटबाल स्टेडियम बनाया जाएगा। स्टेडियम में इंडोर गेम जैसे वालीबाल, बास्केट बाल, जूडो तथा कुश्ती की भी व्यवस्था होगी।

प्रदेश की प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से चंडीगढ़ खेल परिषद ने हाकी तथा क्रिकेट के लिए इन-हाउस अकादमी स्थापित कीं। इनमें खिलाड़ियों को सभी सुविधाएं निशुल्क उपलब्ध होंगी।


सूचना प्रौद्योगिकी

चंडीगढ़ प्रशासन की महत्वपूर्ण परियोजना राजीव गांधी चंडीगढ़ टेक्नोलॉजी पार्क का निर्माण कार्य पूरी तेजी से चल रहा है। तृतीय चरण का कार्य पूरा हो जाने पर 35000 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। इससे आरजीसीटीपी के प्रत्यक्ष रोजगार में 67,000 की वृद्धि होगी तथा चंडीगढ़ में 200,000 परोक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे। व्यावसायिक विकास केंद्र तथा पार्क की स्थापना 1.5 एकड़ में की जा रही है। केंद्र इस वर्ष कार्य करना शुरू कर देगा।

चंडीगढ़ जनता को प्रयोक्ता अनुकूल तथा त्वरित सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी के प्रयोग में रोल मॉडल बन जाएगा। ई-गवर्नेस पहल के तहत ढांसा, खुड्डा जस्सु, कंबाउला, रायपुर खुर्द, रायपुर कलां, मक्खन माजरा तथा भालना में 2007 में ग्राम संपर्क केंद्र स्थापित किए गए। पलसोरा, दादू माजरा, हल्लू माजरा, खुदा अलीसर, दरिया, मौली जागरण तथा मालायो में ग्राम संपर्क केंद्र स्थापित किए जाएंगे।

मौजूदा संपर्क केंद्रों के अलावा अन्य् संपर्क केंद्र भी स्थापित किए जाएंगे तथा ग्रामीण की सुविधा के लिए इनमें बीएसएनएल बिल, बिजली के बिल, पानी के बिल, एलआईसी प्रीमियम का भुगतान, स्कूल फीस भुगतान तथा ट्यूबवेल बुकिंग को भी इसमें शुरू किया जाएगा।

प्रशासन ऊर्जा संरक्षण के लिए भी कार्य कर रहा है। टाटा बीपी सोलर लिमिटेड को वनस्पति उद्यान में राज्य स्तरीय ऊर्जा पार्क स्थापित करने का आर्डर दिया गया है। गांवों की सभी स्ट्रीट लाइटों के स्थान पर सोलर स्ट्रीट लाइटें लगाई जाएंगी।


समाज कल्याण

प्रशासन के लिए समाज कल्याण प्रमुख मुद्दा है। प्रशासन ने अनेक जनोपयोगी योजनाएं शुरू की हैं। जाति व्यवस्था की बुराई को दूर करने तथा अन्तरजातीय विवाह को प्रोत्साहन देने के लिए यदि दंपत्ति में से कोई एक अनुसूचित जाति का हो तो दंपत्ति को देने वाली 5000 रुपये की प्रोत्साहन राशि को बढ़ाकर 50,000 रुपये कर दिया गया है।

बालिका समृद्धि योजना के तहत बीपीएल परिवार की नवजात कन्या शिशु को 500 रुपये देने का प्रावधान है। प्रशासन ने विशेष देखरेख वाले 50 बच्चों के लिए सेक्टर 38 स्थित प्रयास भवन में प्रीपेटरी स्कूल खोला है। इसके लिए उपकरणों आदि की खरीद हेतु 2008-09 में 0.14 लाख रुपये का आवंटन का प्रस्ताव है।

सड़कों पर रहने वाले 900 बच्चों को व्यावसायिक प्रशिक्षण देने के लिए मालोया में व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्र के निर्माण का कार्य प्रगति पर है। प्रशासन ने चाइल्ड हेल्प लाइन भी शुरू की है।


स्वास्थ्य

सेक्टर-32 स्थित सरकारी मेडिकल कॉलेज तथा अस्पताल में टेलीमेडिसिन परियोजना शुरू की है। सेक्टर 16 स्थित गवर्नमेंट मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल में 28 बिस्तरों वाली ट्रॉमा सेंटर इकाई शुरू की गई है। प्रशासन ने प्रत्येक मां तथा बच्चे के लिए 5273 रुपये की लागत से प्रजनन तथा शिशु स्वास्थ्य केंद्रों के क्षेत्र में एक परियोजना शुरू की है।

सरकारी मेडिकल कॉलेज तथा अस्पताल में प्री-एनेस्थिसिया, पोस्ट-एनेस्थिसिया तथा पोस्ट आपरेटिव रूम सहित सात आधुनिकतम आपरेशन थिएटर बनवाएं हैं। मानसिक रोगियों के लिए सेक्टर-15 में एक रिहाइशी आवास 'समर्थ' बनाया गया है। मेडिकल कॉलेड तथा अस्पताल के कर्मचारियों के लिए आवास निर्माण हेतु 50.6 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है।


उद्योग

प्रशासन मौली जागरण गांव के राजस्व इस्टेट में औद्योगिक क्षेत्र के तीसरे चरण का विकास कर रहा है। इसके लिए 152 एकड़ भूमि का अधिग्रहण कर लिया गया है। नई दिल्ली में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला, 2007 में चंडीगढ़ के पंडाल को रजत पदक प्रदान किया गया।


शिक्षा

चंडीगढ़ प्रशासन सारंगपुर में 130 एकड़ क्षेत्र में ‘चंडीगढ़ एजुकेशन सिटि’ बना रहा है। पहली से पांचवी कक्षा तक की सामान्य श्रेणी की बालिकाओं के लिए उपस्थिति छात्रवृत्ति को 30 रुपये प्रतिमाह से बढ़ाकर 250 रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है। छह से 14 आयुवर्ग तथा पहली से कक्षा आठ तक की अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए उपस्थिति छात्रवृत्ति को 30 रुपये से बढ़ाकर 250 रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है।

कक्षा IX-XII तक के अनुसूचित जाति/जनजाति के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति को बढ़ाकर 300 रुपये प्रतिमाह कर दिया है, जो पहले 20 तथा 25 रुपये प्रतिमाह थी।

चंडीगढ़ प्रशासन ने 1.5 लाख प्रतिवर्ष से कम आमदनी वाले मुसलमान, ईसाई, अन्य पिछड़े वर्ग, विकलांगों, स्वतंत्रता सेनानियों के परिवारगण, भूतपूर्व-सैनिक, विधवा तथा तलाकशुदा परिवारों के बच्चों की ट्यूशन शुल्क में छूट देने का निर्णय लिया है। झुग्गियों में रहने वाले तथा कम आय वर्ग के परिवारों से ऐसे बच्चे जो स्कूल नहीं जा रहे हैं, उन्हें स्कूल में भर्ती होने पर 250 रुपये प्रतिमाह प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।


पर्यटन

प्रशासन पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए अनेक पहल कर रहा है। चिकित्सीय, शैक्षिक तथा मनोरंजन सुविधाओं में वृद्धि कर प्रशासन सिनेमैटिक, खेल तथा चिकित्सा पर्यटन को बढ़ावा दे रहा है। चंडीगढ़ अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा क्षेत्र में पर्यटन को प्रोत्साहन देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।


आवास

चंडीगढ़ आवास बोर्ड विभिन्न परियोजनाओं पर कार्य कर रहा है। बोर्ड ‘चंडीगढ़ स्माल फ्लेट स्कीम-2006’ लागू करने वाली शीर्षस्थ संस्था है। परियोजना के तहत दो चरणों में एक कमरे वाले 25,728 फ्लैटों का निर्माण किया जाएगा। सेक्टर 49 में 1024 तथा सेक्टर 38 में 1120 फ्लैटों का निर्माण कार्य शुरू किया जा चुका है। अन्य छह स्थानों पर फ्लैटों का निर्माण कार्य समय पर शुरू हो जाएगा।

बोर्ड ने वर्ष के दौरान शहर के कूड़ा बीनने वालों के लिए सेक्टर 56 में 326 प्रीफेब शेल्टर का निर्माण कार्य पूरा किया। सेक्टर 49 में 400 ईडब्लूएस तथा सेक्टर 38 में 288 ईडब्लूएस का निर्माण कार्य फरवरी, 2009 में पूरा हो गया। प्रशासन के अपने कर्मचारियों के लिए बोर्ड ने दोमंजिला इकाइयों की विशेष स्ववित्त पोषित योजना शुरू की है। इसका निर्माण सेक्टर 52 तथा 56 में 45.5 एकड भूमि में किया जाएगा। तीन वर्ष के अंदर सेवानिवृत्त होने वाले तथा तीन वर्ष पहले सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों के लिए पांच प्रतिशत मकान आरक्षित रखे गए हैं। विकलांगों के लिए तीन प्रतिशत मकान आरक्षित हैं।

सेक्टर-26 की मद्रासी कॉलीनी में झुग्गीवासियों से खाली कराई गई जमीन का उपयोग करने के लिए उस पर 160 ईडब्लूएस मकानों का निर्माण शुरू हो गया है। एक कमरे वाले 256 तथा दो कमरे वाले 2008 मकानों का निर्माण चल रहा है।


बिजली

संघ राज्‍य क्षेत्र के सभी निवासियों को पर्याप्‍त बिजली के प्रावधानों पर प्रशासन का ध्‍यान है। वॉल्‍टेज प्रोफाइल में सुधार लाने तथा संघ राज्‍य क्षेत्र के बिजली वितरण नेटवर्क पर लोड को कम करने के लिए विद्युत स्‍कंध में 80 एमवीएआर स्‍वचालित केपेसिटर बैंक जोड़ने की योजना बनाई है जिसे संघ राज्‍य क्षेत्र के आस पास अलग अलग बिंदुओं पर विभिन्‍न मौजूदा 66 केवी ग्रिड सबस्‍टेशन पर लगाया जाएगा।

सीएफएल का उपयोग सभी सरकारी भवनों के लिए अनिवार्य बनाया गया है। इसी प्रकार सभी संस्‍थागत भवनों में उनके संकुलों के अंदर पार्किंग स्‍थलों पर सौर प्रकाश प्रदान किया जाएगा।

विद्युत स्‍कंध ने वितरण तथा पारेषण की कमी के लक्ष्‍यों को 20.89 प्रतिशत से घटाकर 12.29 प्रतिशत कर दिया गया है। यह कमी लगभग 1.5 प्रतिशत है। अगले वर्ष में यह कमी 1.4 प्रतिशत तक कम करने के सभी प्रयास किए जा रहे हैं।


नगरपालिका

चंडीगढ़ नगरपालिका ने डिग्गिअन में 28 करोड़ रुपये की लागत से सीवेज ट्रीटमेंट संयंत्र का उन्नयन किया है। नगरपालिका की जलापूर्ति तथा ड्रेनेज प्रणाली के लिए प्रथम पुरस्कार मिला है।

जलापूर्ति की निगराने के लिए 700 करोड़ रुपये की लागत से एक सुपरवाईज़री नियंत्रण तथा डाटा एक्विजिशन प्रणाली शुरू की है। इससे बिजली की खपत में कमी आएगी तथा संचालन और देखरेख लागत में प्रतिवर्ष लगभग तीन करोड़ रुपये की कमी आएगी।

पार्कों, लैंडस्केप आदि के लिए 36 करोड़ रुपए की लागत से एक परियोजना बनाई गई है| इस परियोजना से 10 एमजीडी तृतीयक जल का उत्पादन होगा| सेक्टर 15 स्थित धोबी घाट को स्वाचालित लांड्री मार्ट में बदल दिया गया है| यह भारत में अपने प्रकार का पहला मार्ट है| शहर को सुन्दर बनाने तथा पर्यावरण को बेहतर बनाने के लिए दादू माजरा में दस एकड़ क्षेत्र में 30 करोड़ की लागत से ठोस कचरा संशोधन संयंत्र बनाया है| यह उत्तरी भारत में अपने प्रकार का पहला संयंत्र है|



* 2011 की जनगणना के आधार पर (अनंतिम डाटा)

स्रोत: इंडिया बुक 2012 - एक संदर्भ वार्षिक

राज्य एवं राजधानी

* एस (ग्रीष्म ऋतु) और * डब्ल्यू (शीत ऋतु)