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स्‍मारक

भीमबेटका की पहाड़ी गुफाएं

भीमबेटका की पहाड़ी गुफाओं को यूनेस्‍को द्वारा विश्‍व विरासत स्‍थल के रूप में मान्‍यता दी गई है जो मध्‍य प्रदेश राज्‍य के मध्‍य भारतीय पठार के दक्षिण सिरे पर स्थित विंध्‍याचल पर्वत की तराई में मौजूद हैं। भीमबेटका को भीम का निवास भी कहते हैं (हिन्‍दू धर्म ग्रंथ महाभारत के अनुसार पांच पाण्‍डव राजकुमारों में से भीम द्वितीय थे)।

सेंड स्टोन के बड़े खण्‍डों के अंदर अपेक्षाकृत घने जंगलों के ऊपर प्राकृतिक पहाड़ी के अंदर पांच समूह हैं, जिसके अंदर मिज़ोलिथिक युग से ऐतिहासिक अवधि के बीच की तस्‍वीरें मौजूद हैं। इस स्‍थल के पास 21 गांवों के निवासियों की सांस्‍कृतिक परम्‍परा में इन पहाड़ी तस्‍वीरों के साथ एक सशक्‍त साम्‍यता दिखाई देती है।

इसमें से अधिकांश तस्‍वीरें लाल और सफेद रंग के साथ कभी कभार पीले और हरे रंग के बिन्‍दुओं से सजी हैं, जिनमें दैनिक जीवन की घटनाओं से ली गई विषय वस्‍तुएं चित्रित हैं, जो हज़ारों साल पहले का जीवन दर्शाती हैं। यहां दर्शाए गए चित्र मुख्‍यत: नृत्‍य, संगीत बजाने, शिकार करने, घोड़ों और हाथियों की सवारी, शरीर पर आभूषणों को सजाने तथा शहद जमा करने के बारे में हैं। घरेलू दृश्‍यों में भी एक आकस्मिक विषय वस्‍तु बनती है। शेर, सिंह, जंगली सुअर, हाथियों, कुत्तों और घडियालों जैसे जानवरों को भी इन तस्‍वीरों में चित्रित किया गया है। इन आवासों की दीवारें धार्मिक संकेतों से सजी हुई है, जो पूर्व ऐतिहासिक कलाकारों के बीच लोकप्रिय थे।