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स्‍मारक

मेहरानगढ़ का किला

मेहरानगढ़ का किला राजस्‍थान में जोधपुर शहर से लगभग 5 किलोमीटर की दूरी पर है। नीचे शहर की रक्षा करते हुए एक समानान्‍तर क्लिफ है, इस किले की स्‍थापना राव जोधा द्वारा 1459 ए. डी. में कराई गई थी, जब उन्‍होंने अपनी राजधानी मंदौर से यहां स्‍थानांतरित की।

नीचे स्थित शहर के सामने अटल रूप से खड़ा यह किला ऊबड़ खाबड़ और पथरीली घाटी को नज़र अंदाज करता है और इसमें लम्‍बी तराशी गई कृतियों और लाल सैंड स्‍टोन से अदभुत बारीकी की जालियों वाली खिड़कियों से युक्‍त महल है।

इसके अंदर स्थित कक्षों में अपना एक अलग आकर्षण है - मोती महल (पुर्ल पैलेस), फूल महल (फ्लावर पैलेस), शीश महल (मिरर पैलेस), सिलेह खाना, दौलत खाना, जिनका अपना एक विविध समृद्ध . . . . . . . . ., हावड़ा, शाही पालने, विभिन्‍न विद्यालयों की छोटी तस्‍वीरें, लोक संगीत, उपकरण, परिधान, फर्नीचर और प्रभावशाली शस्‍त्र का भण्‍डार है।

चामुंडा मंदिर के पास ढलान पर केनन का प्रदर्शन भारत का एक दर्लभ स्‍थान है। जैसे जैसे पर्यटक आगे बढ़ते हैं लोक संगीत बजाने वाले कलाकार पिछले समय की भव्‍यता पुन: जीवित करते हैं।