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ट्रिविया

  1. 15 अगस्त को देश का आकाश विभिन्न रंगों तथा आकार की पतंगों से भर जाता है। स्वतंत्रता दिवस के आयोजनों में पतंगोत्सव भी काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। इसे स्वतंत्रता के प्रतीक के रूप में उड़ाया जाता है। पतंग उड़ाने का यह उत्सव उत्तर भारत तथा मध्य भारत के कई स्थानों पर आयोजित किया जाता है।

  2. 15 अगस्त, का हमारे देश में राष्ट्रीय महत्व है। इसी दिन देश ब्रिटिश उपनिवेश से संप्रभु राष्ट्र बना था। इसीलिए हम इस दिन को स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाते हैं। यह दिन हमारे देश में राष्ट्रीय उल्लास के रूप में मनाया जाता है, तथा देशभर में अवकाश होता है।

  3. राष्ट्रीय ध्वज का प्रारूप 22 जुलाई 1947 को भारत की संविधान सभा द्वारा अपनाया गया था।

  4. राष्ट्रीय ध्वज एक क्षैतिज तिरंगा है जो बराबर अनुपात में शीर्ष पर गहरा भगवा (केसरिया), मध्य में सफेद एवं तल पर गहरे हरे रंग का है।

  5. भारतीय राष्‍ट्रीय ध्‍वज भारत के नागरिकों की आशाएं और आकांक्षाएं दर्शाता है। यह हमारे राष्‍ट्रीय गर्व का प्रतीक है। पिछले पांच दशकों से अधिक समय से सशस्‍त्र सेना बलों के सदस्‍यों सहित अनेक नागरिकों ने तिरंगे की पूरी शान को बनाए रखने के लिए निरंतर अपने जीवन न्‍यौछावर किए हैं।

  6. राष्‍ट्रीय ध्‍वज को शैक्षिक संस्‍थानों (विद्यालयों, महाविद्यालयों, खेल परिसरों, स्‍काउट शिविरों आदि) में ध्‍वज को सम्‍मान देने की प्रेरणा देने के लिए फहराया जा सकता है। विद्यालयों में ध्‍वज आरोहण में निष्‍ठा की एक शपथ शामिल की गई है।

  7. रवींद्रनाथ टैगोर द्वारा बंगाली में मूल रूप से रचित गीत जन-गण-मन, 24 जनवरी 1950 को भारत की संविधान सभा द्वारा इसके हिंदी संस्करण में राष्ट्रीय गान के रूप में अपनाया गया था।

  8. राष्ट्रीय गान पहली बार भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के कोलकाता अधिवेशन में 27 दिसंबर, 1911 को गाया गया था।

  9. बंकिमचंद्र चटर्जी द्वारा संस्कृत में रचित गीत वंदे मातरम्, स्वतंत्रता के लिए उनके संघर्ष में लोगों के लिए प्रेरणा का एक स्रोत था। इसे जन-गण-मन के समान दर्जा प्राप्त है।

  10. राष्ट्रीय गान का पूर्ण संस्करण बजने का समय लगभग 52 सेकंड है। कुछ अवसरों पर राष्‍ट्र गान की पहली और अंतिम पंक्तियों के साथ एक संक्षिप्‍त संस्‍करण भी बजाया जाता है (इसके बजने का समय करीब 20 सेकेंड है)।

आइए साथ मिलकर देश की स्वतंत्रता वर्षगांठ मनाएं और भारत की ख्याति को चारों दिशाओं में फैलाएं।
जय हिंद!