Menu

मास मीडिया

फिल्‍म प्रभाग

1943 में स्‍थापित 'इंडियन न्‍यू परेड' तथा 'इंफॉर्मेशन फिल्‍म्‍स ऑफ इंडिया' का पुन: नामकरण कर जनवरी, 1948 में फिल्‍म प्रभाग का गठन किया गया। सिनेमेटोग्राफ अधिनियम, 1918 का 1952 में भारतीयकरण किया गया जिसके तहत् वृत्तचित्र फिल्‍मों का पूरे देश में प्रदर्शन करना अनिवार्य कर दिया गया

फिल्‍म प्रभाग, 1949 में देश भर के थियेटरों में 15 राष्‍ट्रीय भाषाओं में हर शुक्रवार को एक वृत्‍तचित्र या एनिमेशन फिल्‍म या समाचार आधारित फिल्‍म जारी करता है। प्रभाग ने वस्‍तुत: स्‍वतंत्रता पश्‍चात का पूरा इतिहास तैयार किया है। इसका मुख्‍यालय मुंबई में है। यह निर्माण, स्‍टूडियो, रिकॉर्डिंग थियेटर, संपादन कक्ष, एनिमेशन एकक, कैमरे, वीडियो सेटअप, पूर्व दर्शन थियेटर जैसी सुविधाओं से लैस है। प्रभाग 15 भारतीय भाषाओं में फिल्‍मों की डबिंग भी स्‍वयं करता है।

और देखो

रेडियो

भारत में रेडियो प्रसारण की शुरूआत 1920 के दशक में हुई। पहला कार्यक्रम 1923 में मुंबई के रेडियो क्‍लब द्वारा प्रसारित किया गया। इसके बाद 1927 में मुंबई और कोलकाता में निजी स्‍वामित्‍व वाले दो ट्रांसमीटरों से प्रसारण सेवा की स्‍थापना हुई। सन् 1930 में सरकार ने इन ट्रांसमीटरों को अपने नियंत्रण में ले लिया और भारतीय प्रसारण सेवा के नाम से उन्‍हें परिचालित करना आरंभ कर दिया। 1936 में इसका नाम बदलकर ऑल इंडिया रेडियो कर दिया और 1957 में आकाशवाणी के नाम से पुकारा जाने लगा।

और देखो

टेलीविजन - दूरदर्शन

सार्वजनिक सेवा प्रसारण दूरदरर्शन विश्‍व के सबसे बड़े टेलीविजन नेटवर्क में से एक है। दूरदर्शन का पहला प्रसारण 15 सितंबर, 1959 को प्रयोगात्‍मक आधार पर आधे घण्‍टे के लिए शैक्षिक और विकास कार्यक्रमों के रूप में शुरू किया गया।

आकाशवाणी के भाग के रूप में टेलीविजन सेवा की नियमित शुरूआत दिल्‍ली (1965); मुम्‍बई (1972); कोलकाता (1975), चेन्‍नई (1975) में हुई। दूरदर्शन की स्‍थापना 15 सितम्‍बर 1976 को हुई। उसके बाद रंगीन प्रसारण की शुरूआत नई दिल्‍ली में 1982 के एशियाई खेलों के दौरान हुई, जिसके साथ देश में प्रसारण क्षेत्र में बड़ी क्रांति आ गई। उसके बाद दूरदर्शन का तेजी से विकास हुआ और 1984 में देश में लगभग हर दिन एक ट्रांसमीटर लगाया गया।

और देखो